भाभी ने गांड मे लंड ले लिया

मेरी शादी को 4 वर्ष पूरे हो चुके हैं और शादी के 4 वर्ष पूरे हो जाने के बाद मेरी जिंदगी काफी बदल चुकी है क्योंकि इस बीच मेरे साथ काफी कुछ हो चुका था जिस वजह से मैं बहुत तनाव में था लेकिन अब धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होता जा रहा था। मेरे पिताजी भी एक बीमारी से चल बसे और मां की भी तबीयत कुछ ठीक नहीं रहती उनके इलाज के लिए भी काफी पैसे लग जाते और मेरी बहन जिसका तलाक हो जाने के बाद वह हमारे घर पर ही रहती है। मेरी पत्नी और मेरी बहन के बीच बिल्कुल भी नहीं बनती मेरी पत्नी को लगता है कि वह हम पर बोझ बन कर बैठी हुई है लेकिन मुझे कभी ऐसा नहीं लगा। मेरी बहन जो कि घर का सारा काम करती है और फिर मैंने उसे कहा कि तुम कोई नौकरी क्यों नहीं कर लेती तो उसे भी लगा कि शायद मैं बिल्कुल ठीक कह रहा हूं इसलिए वह भी अब नौकरी करने लगी है वह खुद ही अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी है इस वजह से अब घर में तनाव काफी कम रहता है।
मैं भी अपनी नौकरी पर पूरी तरीके से ध्यान दे पा रहा हूं एक शाम मैं अपने ऑफिस से घर लौटा तो मेरी पत्नी मेरे लिए चाय बना कर ले आई वह मुझे कहने लगी कि सोहन मुझे आपसे कुछ जरूरी बात करनी थी। मैंने अपनी पत्नी से कहा हां कहो ना क्या बात करनी है वह मुझे कहने लगी कि मेरी छोटी बहन की सगाई हो चुकी है और जल्द ही उसकी शादी भी हो जाएगी तो उसके लिए मुझे शॉपिंग करनी थी और मुझे कुछ पैसों की जरूरत थी। मैंने उसे कहा ठीक है जब तुम्हें शॉपिंग करनी हो तो तुम मुझे बता देना हम लोग साथ में शॉपिंग करने के लिए चलेंगे। हालांकि अभी सरिता की बहन की शादी दूर थी लेकिन फिर भी वह चाहती थी कि मैं उसे शॉपिंग करवा दूं और आखिरकार मैंने उसे शॉपिंग करवा दी। मेरा काफी ज्यादा खर्चा हो चुका था मैंने सरिता से कहा कि सरिता इस महीने मेरे पास अब पैसे थोड़ा कम है तो उस हिसाब से तुम मैनेज कर लेना वह कहने लगी हां ठीक है। मेरी तनख्वाह में से आधे से ज्यादा पैसा तो मां की दवाइयों के खर्च में चला जाया करता था और जो भी पैसा बचता वह सब घर के खर्चे में चला जाता।
मेरी बहन भी थोड़ा बहुत पैसा घर पर दे दिया करती थी लेकिन तब भी घर के खर्चे बढ़ते ही जा रहे थे बच्चों की फीस और ना जाने कितने प्रकार के खर्चों से मैं तंग आ चुका था जिंदगी जैसे-तैसे बस कट ही रही थी। एक दिन जब मेरी मुलाकात मेरे दोस्त ने रितेश से करवाई तो मुझे ऐसा लगा कि जैसे मुझे भी अपने जीवन को बदलना चाहिए मैं उम्र से पहले ही काफी बुढ़ा दिखने लगा था और रितेश को देख कर मुझे ऐसा लग रहा था कि मुझे अपने अंदर बदलाव लाने चाहिए मैं भी अपने आप को बदलने की कोशिश करने लगा। रितेश से जब भी मैं मिलता तो वह मुझे कहता कि सोहन तुम दिल के बहुत ही अच्छे हो रितेश अपना बिजनेस करता है जिस वजह से वह अभी तक अपने आप को बड़े ही अच्छे से मेंटेन करता आया है। रितेश की उम्र भी 38 वर्ष की है लेकिन वह अभी भी किसी लड़के जैसा ही दिखता है मैं रितेश से एक दिन इस बारे में बात कर रहा था तो वह मुझे कहने लगा कि सोहन तुम भी ऐसे बन सकते हो लेकिन तुम्हें उसके लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा। रितेश ने मेरी मदद की और उसने मुझे कहा कि वह कुछ समय बाद नया बिजनेस शुरू करने वाला है यदि मैं भी थोड़े बहुत पैसे देकर उसकी मदद करूं तो मैं उसका पार्टनर बन सकता हूं। मैंने भी सोचा कि भला इसमें बुरा ही क्या है मैं भी अपनी नौकरी से तंग आ चुका था और मैं तो चाहता ही था कि किसी तरीके से मैं अपनी नौकरी छोड़ कर अब आगे बढ़ जाऊं और रितेश ने जैसे मेरे लिए अब नया रास्ता खोल दिया था। मैंने भी अब तय कर लिया था कि मैं बिजनेस करूंगा और इसी के चलते मैंने भी अपनी जमा पूंजी बैंक से निकलवा ली जिसके बाद मैंने रितेश के साथ काम करना शुरू कर दिया। शुरुआत में तो हमें कुछ ज्यादा मुनाफा नहीं हो रहा था हम लोग ट्रेडिंग का काम किया करते हैं लेकिन धीरे-धीरे काम ठीक चलने लगा जिसके बाद अब मेरे पास पैसे भी आने लगे थे। रितेश मेरा पार्टनर था और रितेश हमेशा ही मेरी मदद करता लेकिन रितेश के पास इतना समय नहीं होता था इस बीच मैंने भी एक दिन सोचा कि क्यों ना मैं अपने परिवार को अपने साथ कहीं टूर पर लेकर जाऊं। मैंने जब इस बारे में रितेश से बात की तो वह मुझे कहने लगा कि तुम भाभी को शिमला लेकर चले जाओ शिमला में मेरे दोस्त का होटल है मैं उससे फोन पर बात कर लेता हूं।
मैंने भी रितेश को कहा हां मैं कुछ दिनों से सोच रहा था कि कहीं घूम आता हूं और रितेश ने अपने दोस्त से बात कर ली जिसके बाद मैं शिमला जाने की तैयारी करने लगा। मैंने अपनी पत्नी को भी कह दिया था और वह भी अब सामान पैक करने लगी मेरी बहन को जब इस बारे में पता चला तो वह मुझे कहने लगी भैया मैं भी आपके साथ आना चाहती हूं मैंने उसे कहा क्या तुमने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली है तो वह कहने लगी कि मैं अपने ऑफिस से छुट्टी ले लूंगी। मैंने उसे कहा ठीक है तुम भी हमारे साथ चलो और वह भी हमारे साथ आने के लिए तैयार हो गई लेकिन मेरी पत्नी इस बात से बिल्कुल भी खुश नहीं थी। हम लोग जब शिमला पहुंचे तो मैंने अपनी पत्नी से इस बारे में कह दिया था कि तुम अंजलि को कुछ भी मत कहना सरिता ने कहा ठीक है मैं अंजली से इस बारे में कुछ भी बात नहीं करूंगी। सब लोग शिमला में खुश थे और मुझे भी काफी अच्छा लग रहा था इतने समय बाद मैं अपने परिवार के साथ कहीं घूमने के लिए गया था बच्चे भी बहुत ज्यादा खुश थे। कुछ समय शिमला में रुकने के बाद अब हम लोग वापस लौट आए थे। हम लोग अब शिमला से वापस लौट चुके थे उसके बाद मै रितेश से मिला एक दिन रितेश और मै एक रेस्टोरेंट में बैठ कर बात कर रहे थे।
उस दिन रितेश का बार-बार फोन आ रहा था तो मैंने उससे पूछा तुम्हारा काफी देर से फोन आ रहा है तुम फोन क्यों नहीं उठा रहे हो। उसने मुझे कहा मैं बाद में फोन उठा लूंगा। मैंने उससे पूछा किसका फोन है? उसने मुझे उस दिन सारी सच्चाई बताई और कहा एक भाभी के साथ उसके नाजायज संबंध है। मैंने उससे कहा क्या तुम्हें इन सब बातों से डर नहीं लगता। वह मुझे कहने लगा मुझे डरने की क्या जरूरत है। मैंने उसे कहा कहीं तुम्हारी पत्नी को पता चल गया। तो वह कहने लगा नहीं मेरी पत्नी को इस बारे में कुछ भी नहीं पता है मैं जब घर से बाहर होता हूं तो उनके साथ मै सेक्स संबंध बनाया करता हूं। मैंने रितेश से कहा तुम कब से उन भाभी के साथ हो? वह कहने लगा मुझे उनके साथ काफी समय हो चुका है। हम दोनों एक दूसरे की जरूरतों को पूरा कर दिया करते हैं रितेश की बात सुनकर मुझे भी लगा कि मुझे भी किसी के साथ सेक्स संबंध बनाना चाहिए। मैं भी अब हमारे पड़ोस में रहने वाली अनिता भाभी के साथ सेक्स संबंध बनाना चाहता था। मै अनीता भाभी को देखा करता था वह बड़ी सुंदर है उनके बड़े स्तन देखकर मैं बहुत ही खुश हो जाया करता था। उनका हमारे घर पर आना जाना भी था वह मेरी पत्नी सरिता की काफी अच्छी दोस्त है। वह हमारे घर मे आती रहती थी एक दिन वह हमारे घर पर आई हुई थी और मुझे कहने लगी सोहन भाई साहब क्या आप अभी घर पर ही हैं? मैंने उन्हें कहा हां भाभी जी कहिए वह मुझे कहने लगी क्या आप मुझे मेरी बहन के घर छोड़ देंगे? मैंने उन्हें कहा हां भाभी जी क्यों नहीं मैंने अब अनिता भाभी को उनकी बहन के घर छोड़ दिया। जब वह मेरे साथ मोटरसाइकिल में बैठे हुई थी तो उनके स्तन मुझसे टकरा रहे थे मैं बहुत खुश हो रहा था। एक दिन मुझे मौका मिल गया उस दिन अनिता भाभी घर पर अकेली थी। हम दोनों को बहुत अच्छा मौका मिल चुका जब मैंने उनको अपनी बाहों में लिया तो वह बहुत ज्यादा तड़पने लगी।
मैंने जब उनकी चूत को दबाया तो वह बड़ी जोर से चिल्लाई। उसके बाद मै उनके स्तनों को दबाने लगा मुझे उनके स्तनों को दबाने में बहुत मजा आ रहा था काफी देर तक मै उनके स्तनों को दबाता रहा। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो उन्होंने उसे मुंह के अंदर ले लिया और बड़े अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करने लगी। मैं उनकी गांड मारने के लिए बड़ा तड़प रहा था उन्होंने मेरे लंड से पानी निकाल दिया। वह इतना तड़पने लगी और उन्होंने मुझे भी पूरी तरीके से गर्म कर दिया। मैंने उनकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला उनकी चूत के अंदर लंड घुस चुका था मैं उन्हें घोड़ी बनाकर चोद रहा था। उन्हें चोद कर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उनकी बड़ी चूतडो पर मेरा लंड टकरा रहा था। मुझे बहुत ही अच्छा महसूस होता मैंने उन्हें काफी देर तक ऐसे ही धक्के दिए।
हम दोनों ही बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे इसलिए मेरा वीर्य बाहर की तरफ को गिरने वाला था। मेरा वीर्य जैसे ही गिरा तो वह कहने लगी अब तो आपकी इच्छा पूरी हो चुकी है। मैंने उन्हें कहा अरे भाभी अभी कहां मेरी इच्छा पूरी हुई है मैंने अपने लंड पर तेल की मालिश की और उनकी गांड पर भी कुछ बूंदो को लगा दिया। मैंने अपने मोटे लंड को उनकी गांड के अंदर घुसा दिया मेरा मोटा लंड उनकी गांड के अंदर जाते ही वह बड़ी तेजी से चिल्लाने लगी। वह मुझे कहने लगी तुमने मेरी गांड फाड़ दी है मैंने उन्हें कहा आपकी गांड मारने मै मुझे बहुत मजा आ रहा है। मैं तेज गति से धक्के मार रहा था उनकी गांड से खून निकल रहा था लेकिन जिस प्रकार से उन्होंने मेरी इच्छा को पूरा किया और अपनी बड़ी चूतड़ों को मुझसे मिलाया उससे मैं ज्यादा देर तक उनकी गांड की गर्मी को बर्दाश ना कर सका और मेरा वीर्य बाहर आ गया। मैंने अपनी वीर्य की पिचकारी को उनकी गांड के अंदर ही गिरा दिया।